Tuesday, August 10, 2021

Depression


आजकल सभी दुखी हैं परेशान हैं depression में हैं जिसकी वजह से आत्महत्या व घरेलु हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं। इसलिए हमको बताना है कि तनाव व depression से कैसे बचा जा सकता है। इसके लिए हमें संत रामपाल जी महाराज जी के सत्संग सुनने, और पुस्तकों को पढ़ने के लिए व नामदान लेने के लिये सबको प्रेरित करना है



🕸️वर्तमान हालातों में बहुतों ने अपने परिजनों को खोया और तनाव का शिकार हो गए और उस दुःख से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। अनमोल व निःशुल्क पुस्तक "जीने की राह" तनाव से मुक्ति तो दिलाएगी ही साथ में जीवन का उद्देश्य भी समझ आएगा।



🕸️ तनाव से गंभीर मानसिक और शारीरिक नुकसान होने लगते हैं। वर्तमान माहौल से लोगों के दिलों-दिमाग में डर बैठ गया है। अब हमारा क्या होगा? ऐसी परिस्थिति में एक उपाय है, जिससे बचा जा सकता है। पढ़ें अनमोल पुस्तक "जीने की राह"।



🕸️ हद से ज्यादा तनाव लेने से हार्ट अटैक से मनुष्य मौत का शिकार हो जाता है और उसका परिवार भी उजड़ जाता है। ऐसी स्थिति जीवन में कभी ना आये। उससे पहले आज ही निःशुल्क पुस्तक मंगवायें "जीने की राह" और अपना जीवन खुशहाल बनायें।



🕸️ आर्थिक तंगी के कारण बहुत से लोग तनाव ग्रस्त रहते हैं व आत्महत्या तक की सोच लेते हैं।

लेकिन संत रामपाल जी महाराज जी से दीक्षा लेकर मर्यादावत भक्ति करने से निर्धनता भी दूर होती है व सुखी जीवन और जीने की राह भी मिलती है।



🕸️ संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा बताए ज्ञान से सब विकार और बुरे विचारों पर अंकुश लगता है। और मानसिक शांति मिलती है। ज़रूर पढ़ें पवित्र पुस्तक "ज्ञान गंगा"।



🕸️ आज की भागदौड़ की जिन्दगी में अधिकांश व्यक्तियों के पास स्वयं के लिये सुकून के दो पल भी नहीं हैं, जिसमें शांति से बैठकर वह स्वयं के बारे में गहराई से सोच सके।

मनुष्य जीवन बार बार नहीं मिलता। इसलिये अवश्य पढ़ें पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा।



🕸️वर्तमान समय में व्यक्तियों में बढ़ती हुई स्वार्थ एवं अहंकार की भावना ने भी तनाव को बढ़ावा दिया है। इन विकारों को केवल सतभक्ति से ही दूर किया जा सकता है। 

वर्तमान समय में सतभक्ति केवल संत रामपाल जी महाराज जी ही बता रहे हैं। 


🕸️ मनःस्थिति एवं परिस्थिति के बीच असंतुलन एवं असामंजस्य के कारण तनाव उत्पन्न होता है। तनाव अन्य अनेक मनोविकारों का प्रवेश द्वार है जिससे मन अशान्त, भावना अस्थिर एवं शरीर अस्वस्थता का अनुभव करता है। तनाव का स्थायी इलाज पूर्ण संत के सत्संग से सम्भव है। वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज एकमात्र पूर्ण संत हैं।


🕸️ नर-नारायण देहि पाय कर, फेर चौरासी जांही।

उस दिन की मोहे डरनी लागे, लज्जा रह के नांही।।

हमें नर शरीर मिला है। यदि मनुष्य शरीर प्राप्त करके सत्य भक्ति नहीं कर के हम चौरासी लाख योनियों वाले चक्र में जा रहे हैं तो धिक्कार है हमारे मानव जीवन को।


🕸️ वर्तमान में मानसिक समस्या जैसे तनाव, चिंता, नींद की कमी आदि से सभी जूझ रहें है जिस वजह से डिप्रेशन, एंग्जायटी और पैनिक एटैक जैसे लक्षण लोगों में दिखने लगे हैं।

इस तनाव का पुख्ता इलाज कबीर साहेब की सतभक्ति में है जो की संत रामपाल जी महाराज जी बताते हैं, पूर्ण संत से नाम उपदेश लेकर शास्त्रानुसार सतभक्ति करने से सभी दुःख दूर होतें है।


🕸️ परमात्मा की सत भक्ति के बिना हमारे जीवन को धिक्कार है। शास्त्र अनुकूल भक्ति करके ही हम कबीर परमेश्वर को प्राप्त कर सकते हैं।

अवश्य पढ़ें पवित्र पुस्तक "ज्ञान गंगा"


🕸️ सूक्ष्म वेद में लिखा है

भजन कर राम दुहाई रे, भजन कर राम दुहाई रे, जन्म अनमोला तुझे मिला नर देही पाई रे।

यह मनुष्य जीवन बहुत अनमोल है। यह हमें सिर्फ सतभक्ति के लिए ही मिला है और इस मनुष्य जीवन में ही हम पूर्ण परमात्मा को प्राप्त कर सकते हैं।


🕸️ गीता अध्याय 15 के श्लोक 17 में कहा है कि उत्तम पुरुष अर्थात पुरुषोत्तम तो अन्य ही है जिसे परमात्मा कहा जाता है जो तीनों लोकों में प्रवेश करके सबका धारण-पोषण करता है। वह अविनाशी परमेश्वर कबीर साहेब हैं।

कबीर परमेश्वर की सतभक्ति करके ही हम मोक्ष को प्राप्त कर सकते हैं।


🕸️वर्तमान समय में लोगों के लिए पूरा माहौल बदल गया है। अचानक से स्कूल, ऑफिस, बिजेनस बंद हो गए, बाहर नहीं जाना है और दिनभर महामारी की ही ख़बरें देखते हैं। इसका असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ना स्वाभाविक है।

यदि हम पुर्ण संत के सत्संग सुनकर उनसे नाम उपदेश लेकर मर्यादा में रहकर सतभक्ति करेंगे तो तनाव हम से कोसों दूर भाग जाएगा और हमें वास्तविक मानसिक शांति प्राप्त होगी।

अवश्य पढ़ें "ज्ञान गंगा"।


🕸️ कबीर, लूट सको तो लूटियो, राम नाम की लूट।

फिर पीछे पछताओगे, प्राण जाएंगे छूट।।

हमें यह मनुष्य जीवन भक्ति धन को बढ़ाने के लिए मिला है। यदि हमने इसे यूं ही बर्बाद कर दिया तो हम जीवन छूटने के बाद पछताने के सिवाय कुछ प्राप्त नहीं कर पाएंगे।

पूर्ण परमेश्वर कबीर साहेब की सतभक्ति करके ही हम मोक्ष को प्राप्त कर सकते हैं।





4 comments:

  1. गीता अध्याय 15 के श्लोक 17 में कहा गया है कि उत्तम पुरुष तो अन्य ही है जिसे परमात्मा कहा जाता है जो तीनों लोकों में प्रवेश करके सबका धारण-पोषण करता है। वह अविनाशी परमेश्वर है। जिसके बारे में संत गरीबदास जी कहते हैं कि
    भजन करो उस रब का, जो दाता है कुल सबका।

    ReplyDelete

  2. गीता अध्याय 15 श्लोक 1 में तत्वदर्शी सन्त की पहचान बताई है कि तत्वदर्शी सन्त संसार रुपी वृक्ष के सर्व भागों को सही-सही बताता है।

    वर्तमान में तत्वदर्शी संत केवल संत रामपाल जी महाराज जी ही हैं।

    ReplyDelete
  3. "World-Victorious Saint Rampal Ji Maharaj"

    Under the leadership of Saint Rampal Ji Maharaj, India will be Established as the World Religious Leader.

    ReplyDelete
  4. गरीब सुख माथे पत्थर पड़े , जो नाम हृदय से जाय। बलिहारी उस दुख के , जो पल पल नाम रटाये ।

    ReplyDelete

अनुपूर्णा मुहिम पर सम्पूर्ण लेख - संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाया गया एक मानवता का मिशन

🔖 लेख का रूपरेखा (Outline) H1: अनुपूर्णा मुहिम: संत रामपाल जी महाराज की एक अनोखी पहल H2: परिचय: क्या है अनुपूर्णा मुहिम? H3: नाम क...