सुल्तान इब्राहिम के ऊपर कूड़ा गिरा तो वह ऊँची आवाज में बोला, क्या तुझे दिखाई नहीं देता? गली में इंसान भी आते-जाते हैं? यदि मैं आज राज्य त्यागकर न आया होता तो तेरी देही का चॉम उधेड़ देता । उस बहन ने क्षमा याचना की और कहा, हे भाई! मेरी गलती है, मुझे पहले गली में देखना चाहिए था। आगे से ध्यान रखूँगी। वह मकान वाली बहन भी जिन्दा बाबा की भक्तमति थी। उसने जब इब्राहिम को आश्रम में देखा तो गुरू जी से पूछा, हे गुरूदेव! वह जो भक्त बैठा है एकान्त में, क्या वह कभी राजा था? जिन्दा बाबा ने पूछा, क्या बात है बेटी? यहाँ तो राजा और रंक में कोई भेद नहीं है।
आपने यह प्रश्न किस कारण से किया? यह पहले बलख शहर का राजा था। इसको मैंने ज्ञान समझाया तो इसने राज्य त्याग दिया और मेहनत करके लकडि़यां बेचकर निर्वाह करता है, भक्ति भी करता है। उस बहन ने बताया कि मेरे से गलती से सूखा कूड़ा छत से फैंकते समय इसके ऊपर गिर गया तो यह बहुत क्रोधित हुआ और बोला कि यदि मैंने राज्य न त्यागा होता तो तेरी खाल उतार देता। सत्संग के पश्चात् सार शब्द लेने वालों को बुल
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